Shashwat Sachdev & Khan Saab - Jaan Se Guzarte Hain

Jaan Se Guzarte Hain

Shashwat Sachdev & Khan Saab
Dhurandhar The Revenge

दिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैंजुर्म सिर्फ़ इतना हैजुर्म सिर्फ़ इतना है, उनको प्यार करते हैं

ऐतबार बढ़ता है और भी मोहब्बत काऐतबार बढ़ता है और भी मोहब्बत का

जब वो अजनबी बन कर पास से गुज़रते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं

वो जो फेर कर नज़रें पास से गुज़रते हैं(वो जो फेर कर नज़रें पास से गुज़रते हैं)

ऐ ग़म-ए-ज़माना, हम तुझको याद करते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैंदिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैं(दिल पे ज़ख़्म खाते हैं, जान से गुज़रते हैं)जुर्म सिर्फ़ इतना है, उनको प्यार करते हैं