ना है ये पाना, ना खोना ही हैतेरा ना होना जाने क्यूँ होना ही है
तुम से ही दिन होता है, सुरमई शाम आती हैतुम से ही, तुम से हीहर घड़ी साँस आती है, ज़िंदगी कहलाती हैतुम से ही, तुम से ही
ना है ये पाना, ना खोना ही हैतेरा ना होना जाने क्यूँ होना ही है
आँखों में आँखें तेरी, बाँहों में बाँहें तेरीमेरा ना मुझ में कुछ रहा, हुआ क्या?बातों में बातें तेरी, रातें सौग़ातें तेरीक्यूँ तेरा सब ये हो गया? हुआ क्या?
मैं कहीं भी जाता हूँ, तुम से ही मिल जाता हूँतुम से ही, तुम से हीशोर में ख़ामोशी है, थोड़ी सी बेहोशी हैतुम से ही, तुम से ही
आधा सा वादा कभी, आधे से ज़्यादा कभीजी चाहे कर लूँ इस तरह वफ़ा काछोड़े ना छूटे कभी, तोड़े ना टूटे कभीजो धागा तुम से जुड़ गया वफ़ा का
मैं तेरा सरमाया हूँ, जो भी मैं बन पाया हूँतुम से ही, तुम से हीरास्ते मिल जाते हैं, मंज़िलें मिल जाती हैंतुम से ही, तुम से ही
ना है ये पाना, ना खोना ही हैतेरा ना होना जाने क्यूँ होना ही है