Khan, Noor & Madhurxo - Aarzu

Aarzu

Khan, Noor & Madhurxo
Aarzu

तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभीरख लूँ छुपा के तेरी यादें सभीख़्वाबों में मेरे है तू ही बसीतू ही बसी, तू ही ब-

तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभीरख लूँ छुपा के तेरी यादें सभीख़्वाबों में मेरे है तू ही बसीतू ही बसी, तू ही ब-

पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रहीं ना मेरीख़्वाबों में बसा है तू-ही-तूसवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़ेमेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू

पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रहीं ना मेरीख़्वाबों में बसा है तू-ही-तूसवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़ेमेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू

ख़्वाबों में है तू-ही-तूमैं तेरे बिन अधूरा हूँसँवारे तू, बिगाड़े तूऐ हमसफ़र, क्या ख़ुदा है तू?

पलकों पे मैं रख दूँ तेरी मेरा ये जहाँतारों से सजा दूँ तुझको, सुन ले, हम-नवाआईना दिखा दूँ तुझको, मेरी तू रज़ामेरी तू रज़ा, मेरी तू र-

पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रहीं ना मेरीख़्वाबों में बसा है तू-ही-तूसवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़ेमेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू

पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रहीं ना मेरीख़्वाबों में बसा है तू-ही-तूसवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़ेमेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू

तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभीरख लूँ छुपा के तेरी यादें सभीख़्वाबों में मेरे है तू ही बसीतू ही बसी, तू ही ब-

तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभीरख लूँ छुपा के तेरी यादें सभीख़्वाबों में मेरे है तू ही बसीतू ही बसी, तू ही ब-

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार केवो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार केवीराँ है मय-कदा, ख़ुम-ओ-साग़र उदास हैतुम क्या गए कि रूठ गए दिन बहार के